अंतोन चेखव (1860-1904) दक्षिणी रूस के नगनोर नगर में 1860 में जन्मे अंतोन चेखव ने शिक्षा काल में ही कहानियों लिखना शुरू कर दिया था। उन्नीसवीं सदी का दशक रूम के लिए एक मुश्किल समय था। यह वह समय था जब आसाद खयाल होने से ही लोग शासन के दमन का शिकार हो जाया करते थे। ऐसे समय में चेखव ने उन मौकापरस्त लोगों को बेनकाब करती कहानियां लिखीं जिनके लिए पैसा व पद ही सब कुछ था। चेखव सारे विश्व के चहेते लेखक माने जाते हैं। इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि इनकी दृष्टि में सत्य ही सर्वोपरि रहा। सत्य के प्रति आस्था और निष्ठा, यही चेखव की धरोहर है। चेखव की मुख कहानियाँ हैं—गिरगिट, क्लक की मौत, वान्का, तितली, एक कलाकार की कहानी, बोंबा, इओनिज, रोमांस, दुलहन प्रसिद्ध नाटक हैं-वाल्या मामा, सीगल, तीन बहने और चेरी का बगीचा।