कैफ़ी आज़मी (1919-2002

                                           
                                                         कैफ़ी आज़मी (1919-2002]                                                                     


अतहर हुसैन रिजवी का जन्म 19 जनवरी 1919 को उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में मजमा गाँव में हुआ। प्रारंभिक जीवन बनारस और आजमगढ़ में व्यतीत करने के बाद वह 1940 के दशक में फिल्म नगरी मुंबई चली आई और यहाँ से वह अदब की दुनिया में आगे चलकर वे कैफी आजमी नाम से मशहूर हुए। कैफी आजमी की गिनती प्रगतिशील उर्दू कवियों को पहली पंक्ति में की जाती है।

कैफी की कविताओं में एक तरफ सामाजिक और राजनैतिक जागरूकता का समावेश है तो दूसरी तरफ हृदय की कोमलता भी है। अपनी युवावस्था में मुशायरों में वाह-वाही पाने वाले कैफी आजमी ने फिल्मों के लिए सैकड़ों सुंदर गीत भी लिखे हैं। 10 मई 2002 को इस दुनिया से रुखसत हुए कैफ़ी के पाँच कविता संग्रह झंकार, आखिर-ए-शब आवारा सजदे सरमाया और फ़िल्मी गीतों का संग्रह मेरी आवाज सुनो प्रकाशित हुए। अपने रचनाकर्म के लिए कैफी को साहित्य अकादेमी पुरस्कार सहित अनेक पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। कैफ़ी कलाकारों के परिवार से थे। इनके तीनों बड़े भाई भी शायर थे। पत्नी शौकत आजमी तथा बेटी शबाना आजमी मशहूर अभिनेत्रियाँ हैं।

कैफ़ी आज़मी







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